मुख पृष्ठ / समाचार / नेशन / क्यों किया भारत सरकार ने २००० रुपये का नोट जारी और कैसे ये काले धन पर लगाम लगाएगा!

 

दिल्ली: मोदी सरकार ने आज बड़ा फैसला लेते हुए कल से ५०० और १००० के नोट्स को जहाँ बंद करने का निर्णय लिया है! ये काले धन पर लगाम लगाने के लिए सबसे अच्छा और साहसिक कदम माना जा रहा है! लेकिन इसके इतर राजनीति भी शुरू भी हो गयी है! कांग्रेस के नेता सुरजेवाला कह रहे है! की हम काले धन पर मोदी सरकार के साथ है! लेकिन २००० रूपये का नोट लेकर वो काले धन को बढ़ावा दे रही है! वही ममता बनर्जी का कहना है की ये आम आदमी के लिए परेशानी है! हलाकि आम आदमी को कुछ दिन की परेशानी होगी लेकिन इसका फायदा लंबे समय में जरूर मिलेगा!

 

 

जानिए कैसे २००० रूपये का नोट काले धन पर लगाम लगयेगा 

 

मोदी सरकार ने २००० का नोट लाने के पीछे एक सोची समझी नीति के तहत काम किया है! अभी कुछ दिन पहले सरकार ने काले धन के डेक्लारेशन का अभियान चलाया था जिसके अन्तर्गत देश के सभी लोगो से कहा था की जिन लोगो के भी पास कला धन है वो ३० सितम्बर तक एक जुर्माने शुल्क के साथ जमा कर दे इसके बाद कड़ी कानूनी कार्यवाही होगी! लेकिन लोगो ने इस कदम को हलके में लिया था!

 

इसके बाद मोदी जी ने ५०० और १००० रुपये के नोट पर प्रतिबन्ध लगा कर काले धन के कुबेरो के धन को है रद्दी में तब्दील कर दिया! और कुछ समय सीमा निर्धारित करके काले धन को बहार निकलने के मास्टर स्ट्रोक खेल दिया! ठीक इसी तरह काले धन पर लगाम लगाने के लिए २००० रुपये का नोट जारी कर दिया! असल मैं २००० के नोट पर नैनो जीपीएस चिप का उपयोग किया गया है जिसके द्वारा काले धन पर लगाम लगेगी!

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नैनो जीपीएस चिप एक ऐसी विकसित टेक्नोलॉजी है जो 4x4x2.1mm तक की सूक्षम चीज़ों को ट्रैक कर सकती है! और २००० रुपये के इस नोट पर इसी चिप का इस्तेमाल किया गया है! ये चिप दरअसल एक रेफिलक्टर की तरह काम करती है! जब भी जीपीएस इस चिप पर कोई सिग्नल भेजता है! यह चिप सीधे जीपीएस को वापिस सिग्नल भेजती है! इसका सीधा मतलब हुआ जब भी कोई भी व्यक्ति २००० के नोट को बल्क में इस्तेमाल करेगा और जीपीएस टेक्नोलॉजी के माध्यम से पकड़ा जायेगा और इस तरह काले धन पर लगाम लगेगी!

 

यह एक और बात जानने लायक है की जहाँ १००० रूपये के नोट को प्रिंट करने पर ३ रुपये का खर्च अत है वही २००० के नोट को प्रिंट करने पर इससे कम खर्च आएगा कुल मिलाकर २००० के प्रचलन से सरकार पर नोटों के छपने पर होने वाले खर्च में भी कटौती होगी!