अपराध | हिन्दीबाज

भारत में पाकिस्तान की शह पर आतंकी गतिविधियों को संचालित करने वाले यासीन भटकल ने कोर्ट में अर्जी देकर अपने मानवाधिकारों के लिए अपील की है। इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना करने वाले खतरनाक आतंकी यासीन को तिहाड़ की जेल में सुकून से नहीं रहने दिया

देश की राजधनी के एक मॉल में राष्ट्रीयध्वज के अपमान का मामले सामने आया है। दिल्ली के पालिका बाज़ार में स्थित एक दुकान पर बिक रहे जूतों के डिब्बों पर देश का तिरंगा झंडा बना हुआ है। पता चला है कि चीन की कंपनी द्वारा बनाए गए इन जूतों के डिब्बो

10 माह की बच्ची से 18 साल के लडके द्वारा दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आयी है। वही खास बात यह है कि इस मामले में गांव में ही पंचायत बैठी ,मामला पंचायत के सामने रखा गया और पंचायत ने अपना फैसला सुनाते हुए लड़के को गांव से बाहर निकाल दिया।

हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने आश्चर्यजनक रूप से कश्मीरी युवाओं के सोच को सामने रख दिया। जम्मू-कश्मीर की फुटबॉल खिलाड़ी अफ्शां आशिक ने करीबन 3 सप्ताह पहले अपनी जिंदगी में पहली बार पत्थर उठाया और पत्थरबाजी की। अफ्शां की पुलिस के ऊपर

जहां एक तरफ हमारा समाज आधुनिकता की उन बुलंदियों को छू रहा है, जिसके बारे में आज से दशकों पहले जब छुआ छूत अपने चरम पर था ,तब इंसान ने सोचा भी नहीं होगा। सरकार में देश में दलितों की स्थिति को सुधारने के लिए आरक्षण से लेकर हरिजन एक्ट तक कई तर

हालही में निर्भया आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई तो देश को निर्भया मामले में कानूनन इंसाफ मिला। लेकिन देश के अन्य मामलों में लंबे समय तक सुनवाई चलने के बाद भी संतोषजनक फैसले नहीं दिए जाते हैं। इसलिए कई बार

निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए वो फैसला सुनाया जिसका पुरे देश जो इंतज़ार था। किसी भी केस में कोर्ट को फांसी की सजा देने से पहले यह स्पष्ट करना होता है ,कि दोषी को फांसी के अलावा कोई और सजा नहीं दी ज

दहेज प्रथा भारतीय समाज के लिए बहुत बड़ा दंश है। जिसकी वजह से कई महिलाओं के घर उजड़ गए और कई महिलाएं नरक भरी जिंदगी जीने के बाद असमय मौत का शिकार हुई। कुछ ऐसी ही घटना भारतीय सेना के मेजर के परिवार में देखने को मिली है। हैदराबाद पुलिस ने मेज

हमारी भारतीय संस्कृति में मेहमान को भगवान के समान माना जाता है और घर आया मेहमान चाहे दुश्मन ही क्यों ना हो स्वागत किया जाता है लेकिन जब मेजबान ही मेहमान की इज्जत ना करें तो फिर भारतीय संस्कृति बदनामी होगी। कुछ ऐसे ही घटना दिल्ली के मेट्रो

किसी भी परिवार में सामान्य तौर पर एक बेटी का अपने पिता से सबसे ज्यादा लगाव होता है। लेकिन थाईलैंड के एक 21 वर्षीय पिता और बेटी का रिश्ता इस कदर खराब हो गया के पिता ने अपने हाथों से अपनी बेटी को मौत के घाट उतार दिया और उसके बात पूरी घटना का

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