कविताये | हिन्दीबाज
Indian Army

आज अगर हम सुरक्षित तरीके से चैन की नींद सो पा रहे है, कहा रहे है और काम कर रहे है तो इसका श्रेय जाता है हमारे देश के जवानों को | जो पता नही समय पर खाना कहा पते है या नही नींद पूरी क्र पते है या नही पर हम अपनी जिन्दगी आराम से चैन के साथ गुज

 dharamveer bharti

मैं
रथ का टूटा हुआ पहिया हूं
लेकिन मुझे फेंको मत!

क्या जाने कब
इस दुरूह चक्रव्यूह में
अक्षौहिणी सेनाओं को चुनौती देता हुआ
कोई दुस्साहसी अभिमन्यु आकर घिर जाय!

झाँसी की रानी:एक ऐसी कविता जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते थे बचपन मैं!

सुभद्रा कुमारी चौहान (१६ अगस्त 

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